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Kangra News: अलसी की खेती से महिलाओं को बना रहे आत्मनिर्भर

Fri, 03 Apr 2026 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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पालमपुर खाद्य प्रसंस्करण प्रोजेक्ट का शुभारंभ करते हुए कृषि विवि के कुलपति निफ्टेम के अधिकारियो
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-निफ्टेम व कृषि विश्वविद्यालय ने बड़सर में शुरू किया है प्रोजेक्ट
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-महिलाओं को दिया अलसी का अच्छी किस्म का बीज

विनोद राणा
पालमपुर (कांगड़ा)। गांव की महिलाएं अब अलसी की खेती की पैदावार कर स्वरोजगार प्राप्त कर सकती हैं। पैदावार बढ़ाने के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) ने कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कालेज ऑफ कम्युनिटी साइंस के साथ मिलकर कवायद शुरू कर दी है।
निफ्टेम के सहयोग से बड़सर में इस परियोजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हब स्थापित किया है। यह हब अलसी के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य किफायती पोषण को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र के जनजातीय स्वयं सहायता समूहों की आजीविका को सुदृढ़ करना है।
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कृषि विश्वविद्यालय व निफ्टेम के अधिकारियों ने बड़सर में महिलाओं को जागरूक किया। महिलाओं को अलसी का अच्छी किस्म का बीज भी दिया। बड़सर प्रोजेक्ट की प्रधान अन्वेषक प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रजनी चोपड़ा, कृषि विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान कॉलेज की डीन डॉ. चंद्रकांता वत्स, खाद्य विज्ञान, पोषण एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्ष प्रो. अनुपमा संदल, सहप्रधान अन्वेषक डॉ. अंजू कपूर समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अलसी की खेती से तेल के अलावा लड्डू, पापड़, बिस्कुट व अन्य उत्पाद तैयार कर सकती हैं। इसे प्राकृतिक उत्पाद भी कहा जा सकता है।
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खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में जमीनी स्तर की पहल किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ग्रामीण स्तर पर महिलाएं अलसी की खेती से अच्छी कमाई कर सकती हैं। इसके लिए निफ्टेम व कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की ने बड़सर में प्रोजेक्ट की शुरुआत की है।
- डॉ. एके पांडा, कुलपति कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर
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