ज्वालामुखी मेंबहने भाई के साथ रखी बांधने के बाद स्तोत्र संवाद
धर्मशाला/कोटला/ज्वालामुखी। भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। घरों में जहां बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं सरहद पर देश की रक्षा में तैनात वीर जवानों तक भी बहनों का दुलार डाक के जरिए पहुंचा।
कलाई पर सजे प्यार और सुरक्षा के संकल्प के बीच जिलेभर के बाजारों में दिनभर भारी रौनक देखने को मिली। सुबह से ही घरों में परंपरागत पूजा-अर्चना के बाद रक्षा सूत्र बांधने का सिलसिला शुरू हो गया। बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर, आरती उतारकर कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इसके उत्तर में भाइयों ने भी बहनों को आकर्षक उपहार भेंट करते हुए जीवनभर उनकी रक्षा करने का संकल्प दोहराया।
रक्षाबंधन को लेकर जिला कांगड़ा के बाजारों में खासा उत्साह नजर आया। रंग-बिरंगी राखियों, मिठाइयों और उपहारों की दुकानों पर दिनभर खरीदारों की भीड़ जुटी रही। उधर, कोटला, नूरपुर, पालमपुर, शाहपुर और ज्वालामुखी सहित समूचे ग्रामीण अंचलों में भी रक्षाबंधन पर्व पूरी श्रद्धा से मनाया गया। नन्हें-मुन्ने बच्चों ने एक-दूसरे को चॉकलेट व उपहार देकर खुशियां साझा कीं।
सरहद पर तैनात जवानों को बहनों ने भेजा प्यार
रक्षाबंधन पर कांगड़ा जिले से बहनों ने सरहद पर देश की रक्षा में मुस्तैद जवानों और दूर रहने वाले भाइयों को डाक के माध्यम से कुल 25 हजार राखियां भेजीं। इनमें से 23 हजार राखियां देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले भाइयों तक पहुंचाई गईं, जबकि करीब दो हजार राखियां सरहद पर तैनात वीर जवानों को डाक के जरिए भेजी गईं। प्रियंका, अक्षिता, अर्पिता और सिमरन आदि ने बताया कि भले ही भाई सरहद पर होने के कारण घर पर मौजूद नहीं हैं, लेकिन राखी के धागे के साथ उनका स्नेह, आशीर्वाद और शुभकामना संदेश डाक व ऑनलाइन माध्यम से समय पर उन तक पहुंच गया है।