धर्मशाला। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर करने के निर्णय पर सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को जारी प्रेस वक्तव्य में उन्होंने इसे लोकतंत्र का काला अध्याय और भ्रष्टाचार को सरकारी संरक्षण देने वाला कदम करार दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार आरटीआई अधिनियम की धारा 24(4) की गलत व्याख्या कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि सतर्कता ब्यूरो कोई गुप्तचर संस्था नहीं, बल्कि जनहित में भ्रष्टाचार की जांच करने वाली एजेंसी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर अपने चहेते भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं को बचाने के लिए पारदर्शिता को खत्म कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार इस निर्णय से अब जनता घोटालों की जांच और चार्जशीट में हो रही देरी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल नहीं कर पाएगी। उन्होंने इसे आम नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस लड़ाई को जारी रखेगी और जनता के अधिकारों को कुचलने नहीं देगी।