धर्मशाला। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरीकार बुधवार को प्रदेश सरकार ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक को बदल दिया है। कांगड़ा मंडल के बंदोबस्त अधिकारी आदित्य नेगी (आईएएस) को केसीसी बैंक के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। जबकि केसीसी बैंक के एमडी रहे आईएएस अधिकारी विनोद कुमार को प्रदेश सरकार ने अब मंडलायुक्त कांगड़ा के पद पर नियुक्ति दी है।
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में सितंबर के प्रथम सप्ताह में बीओडी की बैठक का आयोजन किया गया था। लेकिन बैंक के प्रबंध निदेशक विनोद कुमार, महाप्रबंधक सतवीर मिन्हास और अमित गुप्ता बैठक से पहले ही छुट्टी लेकर चले गए थे। इससे पूर्व भी बैंक के प्रबंध निदेशक बीओडी की बैठकों से लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। सूत्रों के अनुसार आईएएस अधिकारी विनोद कुमार के साथ बहुत पहले एक बैठक में बैंक के कुछ निदेशकों ने दुर्व्यव्हार किया था, जिससे नाराज होकर बैंक के एमडी ने बाद में होने वाली लगातार कई बैठकों से दूरी बना ली, लेकिन बैंक एमडी की यह दूरी बैंक के चेयरमैन और बीओडी को सही नहीं लगी।
जिसके चलते बीओडी के कुछ निदेशकों ने बैंक चेयरमैन की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कुछ अधिकारियों की वजह से बैंक को हो रहे नुकसान के बारे में बताया और बैंक एमडी को बदलने की मांग रखी थी, जोकि बुधवार को पूरी हो गई। वहीं बैंक के महाप्रबंधक सतवीर मिन्हास को ऊना जोन, जबकि महाप्रबंधक अमित गुप्ता को कुल्लू की लोन रिकवरी का काम आवंटित किया गया। महाप्रबंधक की शक्तियां बैंक के डीजीएम राकेश शर्मा को सौंपी गई हैं। अब एमडी के तबादले से बैंक में खूब चर्चा है।
उधर, केसीसी बैंक के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि बैंक के एमडी को बदल दिया गया है। बैंक के दो पूर्व जीएम को भी लोन रिकवरी को लेकर निर्देश दे दिए गए हैं।