स्पेशल ओलंपिक हिमाचल की पहल पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में सात जिलों से चयनित 57 युवा नेता शामिल हुए। प्रत्येक टीम में एक संरक्षक, एक दिव्यांग एथलीट और एकीकृत एथलीट को शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य स्कूलों में समावेशी शिक्षा व गतिविधियों को बढ़ावा देना था।
समावेशिता और नेतृत्व विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तपोवन में 13 से 15 नवंबर तक राज्य युवा नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2025 आयोजित किया गया। स्पेशल ओलंपिक हिमाचल की पहल पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में सात जिलों से चयनित 57 युवा नेता शामिल हुए। प्रत्येक टीम में एक संरक्षक, एक दिव्यांग एथलीट और एकीकृत एथलीट को शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य स्कूलों में समावेशी शिक्षा व गतिविधियों को बढ़ावा देना था।
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शिखर सम्मेलन की शुरुआत ऊर्जावान योग सत्रों से हुई, जिसके बाद नेतृत्व, आत्मविश्वास और टीम वर्क को मजबूत करने वाली कार्यशालाएं आयोजित की गईं। विभिन्न गतिविधियों ने प्रतिभागियों को समावेशी माहौल में सामूहिक नेतृत्व का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में कॉर्ड की राष्ट्रीय निदेशक डॉ. क्षमा मैत्रे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने युवाओं के नेतृत्व को भविष्य के भारत की शक्ति बताया और दिव्यांग बच्चों को हर गतिविधि में समान अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया।