कांगड़ा में 5 साल में 879 लोग एचआईवी संक्रमित
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जिला कांगड़ा में अप्रैल 2021 से सितंबर 2026 तक 879 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। इनमें 643 पुरुष, 234 महिलाएं और दो ट्रांसजेंडर शामिल हैं। कुल संक्रमितों में करीब 73 प्रतिशत पुरुष हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में सबसे अधिक 216 मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 से मार्च 2026 तक 787 लोग संक्रमित पाए गए। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 92 नए मामले दर्ज किए गए। इस तरह कुल संख्या 879 हो गई।
संक्रमितों को उपचार से जोड़ने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में 105 संक्रमितों में से 95 को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी केंद्र (एआरटीसी) से जोड़ा गया। वर्ष 2022-23 में 138 में से 122, वर्ष 2023-24 में 155 में से 147 और वर्ष 2024-25 में 173 में से 158 संक्रमित उपचार से जुड़े। वित्त वर्ष 2025-26 में 216 संक्रमितों में से 207 को एआरटीसी से जोड़ा गया। वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 तक मिले 92 संक्रमितों में से 91 को उपचार से जोड़ा गया। एचआईवी संक्रमण की समय पर पहचान और नियमित उपचार से मरीजों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।
एचआईवी से बचाव के लिए जांच और जागरूकता जरूरी : डॉ. राजेश
जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि एचआईवी संक्रमण को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना और समय पर जांच के लिए लोगों को प्रेरित करना जरूरी है। असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त और इस्तेमाल की गई संक्रमित सुई या सिरिंज साझा करने से एचआईवी फैल सकता है। सामान्य संपर्क, साथ बैठने, हाथ मिलाने या भोजन साझा करने से यह संक्रमण नहीं फैलता। संक्रमण की आशंका होने पर जल्द जांच करवानी चाहिए। समय पर पहचान और नियमित उपचार से एचआईवी के साथ स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।