धर्मशाला। जिला कांगड़ा और चंबा में 147 सड़कों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण के तहत मंजूरी मिलेगी। लोक निर्माण विभाग की ओर से नई सड़कों के प्रोजेक्टों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
प्रदेश में केंद्र सरकार ने लोक निर्माण विभाग से पीएमजीएसवाई के तहत कांगड़ा की 89 सड़कें और चंबा की 58 सड़कें की जानकारी मांगी है। इसकी जल्द ही डीपीआर तैयार की जाएगी है। डीपीआर तैयार करने से पहले सड़क निर्माण के लिए चयनित भूमि अगर लोगों की निजी भूमि है तो लोगों की ओर से और यदि जमीन वन विभाग की है तो दोनों की मंजूरी होना जरूरी है। लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों की डीपीआर फरवरी के मध्य तक तैयार करके राज्य तकनीकी एजेंसी एनआईटी हमीरपुर भेजी जाएगी।
एनआईटी हमीरपुर से एजेंसी के माध्यम से डीपीआर को केंद्र सरकार के पास भेज दिया जाएगा। इसके बाद केंद्र की ओर से जल्द ही इन सड़कों को मंजूरी मिल जाएगी। सड़कों के लिए वन विभाग और लोगों की मंजूरी इसलिए भी जरूरी है ताकि बाद में सड़क निर्माण के लिए किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो सके और निर्माण कार्य आसानी से हो सके। पीएमजीएसवाई के तहत पुरानी सड़कों के मरम्मत कार्य और कुछ नए क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। इससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सके और लोगों की आर्थिक स्थित में भी सुधार हो।
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पीएमजीएसवाई के चरण चौथे में जिला कांगड़ा और चंबा की 147 सड़कों की डीपीआर तैयार की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से प्रपोजल मांगा गया है। फरवरी के मध्य तक डीपीआर तैयार करके एनआईटी हमीरपुर भेज दी जाएगी।
-इंद्र सिंह उत्तम, अधीक्षण अभियंता (डिजाइन), लोक निर्माण विभाग कांगड़ा-चंबा