वर्ष 2023 से शुरू हुए इस कार्य से तरसूह और पलवाना जैसे दुर्गम गांवों तक सीधी सड़क पहुंच गई है। अब ज्वालामुखी से धर्मशाला और पालमपुर, टांडा जाने वालों को कांगड़ा शहर से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। घट्टा के पास बनी 600 मीटर की ट्विन टनल सैलानियों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगी। पहले पुरानी तंग सुरंग के कारण वाहनों से लदे बड़े ट्रक नहीं निकल पाते थे, जिससे अब मुक्ति मिलेगी। टनल पार करते ही पर्यटकों को धौलाधार पर्वतमाला का भव्य दृश्य दिखेगा। साइट इंजीनियर धनंजय मिश्रा के अनुसार सड़क को स्थायी तौर पर बहाल कर दिया गया है।
कंपनी की 10-15 सदस्यीय टीम अगले 15 वर्षों तक इस पैच की मेंटेनेंस और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं संभालेगी। कछियारी से भंगवार फोरलेन शुरू होने से लोगों को अब समेला सुरंग के असुरक्षित सफर से राहत मिलेगी। करीब साढ़े चार किमी का सफर कम होने से लोगों को कांगड़ा बाजार में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।