धर्मशाला। जिला कांगड़ा की विश्वविख्यात साहसिक खेल गतिविधियों की साइट्स बीड़-बिलिंग और इंद्रूनाग अब और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनने जा रही हैं। पर्यटन विभाग ने इन टेक ऑफ साइट्स के आधुनिकीकरण की रूपरेखा तैयार कर दी है। दो माह के लिए पैराग्लाइडिंग पर लगे प्रतिबंध की अवधि में यहां पर अवाश्यक विकास कार्य किए जाएंगे।
बीड़-बिलिंग टेक ऑफ साइट पर करीब 16 लाख रुपये की लागत से मैट बिछाने और अन्य मरम्मत कार्य किए जाएंगे। यह राशि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है। वहीं, इंद्रूनाग साइट पर जूट मैट बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित सामग्री इसी सप्ताह तक पहुंचने की संभावना है।
जिला में कुल चार पैराग्लाइडिंग साइट चिह्नित हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल बीड़-बिलिंग और इंद्रूनाग में साहसिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इंद्रूनाग टेक ऑफ साइट वन विभाग की भूमि पर स्थित है। इस कारण इसके विकास में कुछ बाधाएं सामने आई हैं। पर्यटन विभाग ने भूमि को अपने नाम करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, ताकि भविष्य में इसे पूर्ण रूप से विकसित किया जा सके।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि जल्द ही दोनों साइट्स का विभागीय निरीक्षण किया जाएगा और आवश्यक कार्यों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सभी मरम्मत और विकास कार्य दो माह के प्रतिबंध काल में पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।