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Kangra News: इलाज के नाम पर मजाक, छुट्टी के बाद मरीजों की स्ट्रेचर पर कटी रात

Sun, 09 Mar 2025 07:01 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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टांडा मेडिकल कॉलेज में शाम के समय मरीज को छुट्टी देने के बाद फर्श पर रात काटते चंबा के मरीज और
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धर्मशाला। टांडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुविधा देने के बजाय बेड खाली करने को प्राथमिकता दी जा रही है। वीरवार देर शाम को चंबा जिले की एक महिला मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चंबा जाने के लिए कोई साधन न के कारण मजबूरन महिला को अस्पताल की गैलरी में स्ट्रेचर पर ही रात गुजारनी पड़ी। रातभर तीमारदार उसके साथ बैठे-बैठे ठंड में कांपते रहे।
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हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से शामिल टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को उपचार के बाद देर शाम को छुट्टी दी जा रही है। मेडिकल कॉलेज में कांगड़ा के अलावा चंबा, मंडी, हमीरपुर और ऊना के लोग भी उपचार करवाने पहुंचते हैंं। ऐसे में देर शाम को छुट्टी मिलने पर मरीजों और तीमारदारों को घर जाने के लिए कोई परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं होती।
वीरवार को चंबा जिले की एक महिला मरीज को ऐसी ही परिस्थिति का सामना करना पड़ा, जब अस्पताल प्रशासन ने शाम के समय छुट्टी देकर वार्ड से बाहर कर दिया। परिवहन सुविधा न होने के कारण तीमारदारों को महिला को स्ट्रेचर पर लेटाकर रात गुजारनी पड़ी।
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मरीज के तीमारदार की आपबीती : ‘बस तक नहीं थी, फिर भी बाहर निकाल दिया’
चंबा जिले के सलूणी क्षेत्र के गुरदेव अपनी पत्नी की देखभाल के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज में मौजूद थे। उनकी पत्नी की किडनी खराब है, जिस कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। वीरवार को अचानक अस्पताल प्रशासन ने शाम को छुट्टी देने का फैसला किया। गुरदेव ने स्टाफ से अनुरोध किया कि रात में चंबा जाने के लिए कोई बस सेवा नहीं है। अगर सुबह छुट्टी दी जाती तो वे कोई व्यवस्था कर सकते थे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। गुरदेव ने दुखी स्वर में बताया कि स्टाफ ने उन्हें साफ कह दिया कि बेड खाली करना है। किसी और मरीज को देना है। हमने बहुत गुजारिश की, लेकिन हमें जबरदस्ती बाहर कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि अपनी बीमार पत्नी को स्ट्रेचर पर ही लेटाकर रात गुजारनी पड़ी।


पहले भी पेश आ चुके हैं ऐसे मामले

टांडा मेडिकल कॉलेज में यह कोई पहली घटना नहीं है। मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती किए गए लोगों को बार-बार बिना किसी पूर्व सूचना के छुट्टी दी जा रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर दूर-दराज से आने वाले मरीज और उनके परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि यहां ठहरने की कोई वैकल्पिक सुविधा नहीं है और न ही अस्पताल प्रशासन इस बारे में कोई विचार कर रहा है।
देर शाम छुट्टी देना गलत, होगी जांच : एमएस
इस मामले पर जब टांडा मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) डॉ. अशोक वर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार मरीजों को दोपहर 12ः00 बजे से पहले छुट्टी दी जानी चाहिए, ताकि वे समय से घर पहुंच सकें। देर शाम किसी मरीज को छुट्टी देना अनुचित है। इस मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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