कमेटी ने उच्च अधिकारियों को सौंपी रिपोर्ट, करंट कहां से किया था चालू पर बोर्ड ने साधी चुप्पी
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। विद्युत उपमंडल बिंद्राबन (पालमपुर-2) के तहत फाटा में 11 मई को बिजली लाइन पर काम करते समय करंट लगने से हुई बिजली कर्मी मोहन लाल की मौत के मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। कमेटी ने रिपोर्ट बिजली बोर्ड के उच्च अधिकारियों को सौंप दी है, लेकिन रिपोर्ट में क्या सामने आया है, इसे लेकर बोर्ड के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 11 मई को बिंद्राबन के फाटा क्षेत्र में 11 केवी विद्युत ट्रांसफार्मर पर कार्य करते समय मोहन लाल को करंट लग गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया जा रहा था कि नगरी और मारंडा दोनों ओर से आने वाली बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी लेकिन इसी दौरान लाइन में अचानक करंट आने से हादसा हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली बोर्ड ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। सूत्रों के अनुसार मारंडा की ओर से आने वाली लाइन में करंट आने की बात सामने आई है। हालांकि करंट कैसे आया और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट पर फिलहाल उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है और जल्द ही इसे आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जा सकता है। जांच रिपोर्ट एसई रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। उधर, इस मामले में बिजली बोर्ड के जेई के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। बोर्ड ने संबंधित जेई को निलंबित कर दिया है। हालांकि हादसे के समय जेई अन्य कर्मचारियों के साथ भट्टू 33 केवी लाइन पर कार्य कर रहे थे।
वहीं, बिजली बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच रिपोर्ट जमा हो चुकी है। अब उच्च अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे, जिसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।