धर्मशाला। प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के परिजनों को अब उनके मामलों से जुड़ी जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रदेश की जेलों में विधिक हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे जहां परिजन संबंधी के केस की जानकारी निशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से परिजन न केवल मुकदमों की वर्तमान स्थिति जान सकेंगे बल्कि मामले से जुड़े अपडेट भी समय-समय पर प्राप्त कर पाएंगे। इससे कैदियों के परिवारों को अदालतों और वकीलों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं जिनमें कैदी के परिजन ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते हैं। इसके अलावा गरीब लोग भी अपने परिवार के सदस्य के जेल में बंद होने पर उसके खिलाफ चल रहे मुकद्दमे की जानकारी प्राप्त नहीं कर पाते हैं। उन्हें यह भी पता नहीं चल पाता कि जमानत की स्थिति क्या है और मामले में क्या-क्या अपडेट हो चुका है। इस जानकारी के अभाव में कैदियों के परिजन यहां-वहां भटकते रहते हैं। वहीं, इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
प्रदेश की जेलों में विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्प डेस्क पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करेगा जो परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे। जेलों में कैदियों से मिलने के निर्धारित किए गए दिनों में इस हेल्प डेस्क पर विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मी उपस्थित रहेंगे।
उधर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा के सचिव आर मियूल शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जेलों में विधिक हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इसमें कैदियों के परिजनों को मामलों से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।
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