धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश अभियोजन विभाग द्वारा धर्मशाला में आयोजित की जा रही कार्यशाला के दौरान दूसरे दिन चंबा, कांगड़ा और ऊना के लोक अभियोजकों ने नए कानूनों पर मंथन किया। विभाग के संयुक्त निदेशक (उत्तरी खंड) संजीव कटोच के अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन भी करीब 40 लोक अभियोजकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे विभाग के संयुक्त निदेशक संजीव कटोच ने बताया कि हिमाचल सरकार ने एक स्टीयरिंग कमेटी, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव महोदय कर रहे हैं, उसमें यह निर्णय लिया गया था कि जो आपराधिक प्रशासन में हित धारक हैं, जिसमें कोर्ट और पुलिस आते हैं।
उनको नए कानूनों का कार्यान्वयन करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि न्याय के लिए किसी को भी अब ज्यादा इंतजार न करना पड़े। भारत सरकार ने हाल ही में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे तीन मुख्य कानून भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 को निरस्त करने के बाद तीन कानून लागू करने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में 1 जुलाई से देश में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू हो जाएंगे। इस मौके पर जिला कांगड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।कार्यशाला के कोर्स डायरेक्टर उपजिला न्यायवादी अनिल शर्मा ने बताया कि धर्मशाला के बाद विभाग एक ऐसी ही कार्यशाला का आयोजन मंडी में भी करवाने जा रहा है। वहीं इस मौके पर कपिल देव शर्मा, सुदीप सिंह और रवि कुमार समेत अन्य लोक अभियोजक उपस्थित रहे।