धर्मशाला। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी धर्मशाला में सप्ताहांत (वीकेंड) होने के बावजूद पर्यटकों की आमद सुस्त बनी हुई है। शनिवार की तुलना में रविवार को निजी होटलों की ऑक्यूपेंसी में करीब 15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते कमरों की बुकिंग महज 10 फीसदी के आसपास सिमट कर रह गई। वीकेंड पर भी अपेक्षित संख्या में सैलानियों के न पहुंचने से स्थानीय होटल व रेस्तरां कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
होटल संचालकों के मुताबिक, मानसून के दौरान अमूमन पर्यटन कारोबार प्रभावित रहता है लेकिन इस बार उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान 16 अगस्त को ऑक्यूपेंसी 70 फीसदी तक पहुंच गई थी, जो 22 अगस्त के वीकेंड पर घटकर 40 फीसदी और 29 अगस्त को 10 फीसदी पर आ गई। इस शनिवार को मामूली सुधार के साथ ऑक्यूपेंसी 25 फीसदी तक पहुंची थी।
कारोबारियों का मानना है कि 15 सितंबर के बाद जैसे ही बरसात का दौर थमेगा और त्योहारी सीजन की शुरुआत होगी, मैदानी राज्यों से पर्यटकों की आवाजाही रफ्तार पकड़ेगी। अब समूची पर्यटन इंडस्ट्री मौसम साफ होने और आगामी शरद ऋतु के सीजन पर टिकी है।
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शनिवार की अपेक्षा रविवार को होटल ऑक्यूपेंसी में दोबारा गिरावट आई है। रविवार को पर्यटन नगरी के निजी होटलों में महज 10 फीसदी ऑक्यूपेंसी ही दर्ज की गई है। -विवेक महाजन, महासचिव, होटल एवं रेस्तरां एसोसिएशन धर्मशाला