धर्मशाला। एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला में सोमवार को पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए आईपीएल मुकाबले में बारिश के आसार थे लेकिन इंद्रदेव मेहरबान रहे। इस दौरान मेजबान पंजाब की पारी के दौरान चौकों और छक्कों की बरसात जरूर हुई, जिसे देख स्टेडियम में मैच लगने के बाद दर्शक पहुंचे और उत्साह चरम पर नजर आया।
मुकाबले की शुरुआत में स्टैंड अपेक्षाकृत खाली दिखे लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, वैसे-वैसे स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरता गया। टॉस के समय तक स्टेडियम के करीब 30 फीसदी स्टैंड ही भरे हुए थे। हालांकि मैच शुरू होने के बाद लगातार दर्शकों की आमद बढ़ती रही। पहली पारी समाप्त होने तक करीब 85 फीसदी सीटें भर चुकी थीं।
खासकर लोकल स्टैंडों में क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। चौकों और छक्कों पर दर्शकों ने जमकर शोर मचाया और पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंजता रहा। धर्मशाला के सुहावने मौसम और पहाड़ों के बीच बसे स्टेडियम का रोमांच भी क्रिकेट प्रेमियों को आकर्षित करता नजर आया।
पंजाब में रंग में रंगा रहा स्टेडियम
धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में पूरा माहौल पंजाब किंग्स के रंग में रंगा नजर आया। स्टेडियम में पंजाब किंग्स के समर्थकों की संख्या दिल्ली कैपिटल्स के मुकाबले काफी अधिक रही। लाल रंग की जर्सियों और टीम के झंडों से स्टैंड भरे दिखाई दिए।
टाइमआउट में मोबाइल की फ्लैश लाइट
पंजाब किंग्स के पारी के 13वें ओवर के बाद जब ढाई मिनट का टाइम आउट हुआ तो स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाई। इससे पूरा स्टेडियम जुगनुओं की तरह चमक उठा तथा स्टेडियम का नजारा देखते ही बन रहा था।
खराब मौसम और महंगे टिकटों का दिखा असर
मैच के दौरान खराब मौसम और महंगे टिकटों का असर साफ देखने को मिला। स्टेडियम के दो से तीन स्टैंडों में दर्शकों की संख्या 50 फीसदी से भी कम रही। माना जा रहा है कि इन स्टैंडों के महंगे होने के चलते इन स्टैंडों की टिकटें नहीं बिकीं। इसके अलावा रविवार रात को हुई बारिश और सोमवार सुबह और दोपहर को खराब हुए मौसम ने भी दर्शकों को स्टेडियम में आने से रोके रखा।
पंजाब की पारी में गुम हुईं तीन गेंदें
पंजाब किंग्स की पारी के दौरान दूसरे ही ओवर की दूसरी गेंद पर प्रियांश ने छक्का जड़ा, जिससे गेंद स्टेडियम के साथ बनी नाली में गिर गई, जिसके चलते अंपायरों को दूसरी गेंद लेकर मैच को जारी करवाना पड़ा। इसके बाद 14.3 ओवर में कोनोली ने छक्का लगाया। इस दौरान यह गेंद स्टेडियम की छत पर जा पहुंची और वहीं पर अटकी रही। इसके चलते मैच के दौरान एक अन्य गेंद से मैच को जारी रखना पड़ा। पारी के अंतिम ओवर में शेगढ़े ने एक गेंद को स्टेडियम के बाहर पहुंचा दिया, जिसके चलते एक ही पारी में तीन अलग-अलग गेंदों से मैच करवाना पड़ा।