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Kangra News: धर्मशाला तहसील पर बढ़ा बोझ, समय पर नहीं हो रहे काम, स्टाफ भी परेशान

Thu, 21 Mar 2024 01:09 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला की सदर तहसील सूबे की सबसे बड़ी तहसील में शुमार हो गई है। प्रदेश के कई ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां एक से अधिक तहसीलें काम कर रही हैं, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के मुख्यालय की सदर तहसील की तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है। हालांकि पूर्व में इस तहसील में दो अन्य तहसीलें खोलने की राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन अभी तक इस मांग को पूरा नहीं किया जा सका है। जिसके चलते मौजूदा तहसील स्टाफ पर काम का अत्याधिक बोझ है।
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अधिक काम होने से लोगों को भी अपने कामकाज निपटाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। इस तहसील में दो विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला और शाहपुर के राजस्व संबंधित कामकाज निपटाए जा रहे हैं। तहसील के अधीन 170 राजस्व गांव, 23 पटवार वृत और चार पटवार कानूनगो कार्यालय शामिल हैं। यही नहीं, तहसील के अंतर्गत आते पटवार वृत्त मैक्लोडगंज, खनियारा और सिद्धबाड़ी में ही खसरा नंबरों की संख्या भी 15 हजार से अधिक पहुंच चुकी है। जबकि राजस्व विभाग के नियमों के तहत एक पटवार वृत्त में 4400 खसरा नंबर होते हैं। इस तहसील के अंतर्गत डेढ़ लाख की आबादी आती है। धर्मशाला तहसील में प्रदेश की अन्य तहसीलों की तुलना में जमीनों की रजिस्ट्रेशन भी कई गुणा अधिक है। इसके अलावा इस तहसील के अंतर्गत प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री चामुंडा माता मंदिर भी आता है। जहां नवरात्र में लाखों श्रद्धालु माता के चरणों में शीश नवाने आते हैं। नगर निगम धर्मशाला भी इसी तहसील के अंतर्गत है।

तहसीलदार धर्मशाला गिरीराज ठाकुर का कहना है कि धर्मशाला तहसील प्रदेश की सबसे बड़ी तहसील है। तहसील के साथ ही यहां पटवार वृत्त को भी राजस्व गांव के आधार पर विभाजित करने की जरूरत है।
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