बरियाल (कांगड़ा)। पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरो गेज रेलमार्ग पर कांगड़ा से आगे पठानकोट तक रेलगाड़ियां बहाल करने में रेलवे बोर्ड की उदासीनता से निचले कांगड़ा के ग्रामीणों में रोष पनपने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तो डल्हौजी रोड के पास चक्की खड्ड पर ध्वस्त रेलवे पुल का दोबारा निर्माण भी हो चुका है। 12 जनवरी को पुल पर इंजन से ट्रायल भी हो चुका है, लेकिन रेलवे विभाग ट्रेन बहाली के लिए तारीख पर तारीख के आश्वासन का लॉलीपॉप देकर जनता के साथ मजाक कर रहा है। नंदपुर विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुखलाल गोदारा व उपाध्यक्ष सुदेश धीमान ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर पठानकोट से जोगिंंद्रनगर तक सभी रेलगाड़ियां बहाल नहीं कीं तो कांगड़ा की जनता के साथ रेलवे विभाग के खिलाफ आठ फरवरी को आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना हैं कि उत्तर रेलवे महाप्रबंधक अशोक वर्मा ने 26 जनवरी को सभी ट्रेनें बहाल करने का आश्वासन दिया था तो आश्वासन के मुताबिक अब बैजनाथ से पठानकोट तक सीधी रेल सेवा बहाल की जा सकती है।
रेलवे की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि रेलवे विभाग के तकनीकी सुरक्षा नियंत्रक पठानकोट से जोगिन्दरनगर रेल ट्रैक की जांच व ट्रायल कर सुरक्षा गारंटी की ज़ब तक रिपोर्ट नहीं देता, तब तक रेलगाड़ियां बहाल नहीं हो पाएगी।
राजेश नन्दपुरी, अश्वनी गुलेरिया, रमेल गुलेरिया, आंनद साहिल आदि ग्रामीणों का कहना है कि जबकि चक्की खड्ड रेलवे पुल का पुनर्निर्माण हो चुका है और कोपड़लाहड़ के पास रेल ट्रैक से मलवा हटाकर ट्रैक की मरम्मत हो चुकी है तो कांगड़ा जिला की जनता को तारीख पर तारीख देकर रेलवे विभाग ठगी क्यों कर रहा है।
चक्की खड्ड पुल का फिनिशिंग वर्क पूरा हो गया है और इसकी रिपोर्ट रेलवे तकनीकी विभाग सुरक्षा नियंत्रक को भेज दी है। सुरक्षा नियंत्रक पठानकोट से जोगिंद्रनगर तक रेल ट्रैक की जांच करेगा और सफल ट्रायल के बाद ही ट्रेनें बहाल हो पाएंगी और इसके लिए अभी 20 से 25 दिन और लग सकते हैं।
-अशोक वर्मा, महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे दिल्ली