धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन कर्मचारी महासंघ (इंटक) का 19वां प्रदेश स्तरीय अधिवेशन मंगलवार को धर्मशाला में हुआ। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा की अध्यक्षता में हुए इस अधिवेशन में प्रदेश भर से आए निगम कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान संगठन की नई प्रदेश कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें समर चौहान को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष चुना गया।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए नेताओं ने सरकार और निगम प्रबंधन के प्रति कड़ा रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि निगम कर्मियों को अब तक नए वेतनमान की 50 हजार रुपये की एरियर किस्त जारी नहीं की गई है। इसके अलावा लंबे समय से नाइट ओवरटाइम का भुगतान भी अधर में लटका हुआ है। कर्मचारियों ने मांग की है कि परिचालकों को नया वेतनमान देने के लिए आए न्यायालय के आदेशों को तुरंत लागू किया जाए।
अधिवेशन में निगम के चालक-परिचालकों के साथ निजी बस संचालकों और यात्रियों द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। महासंघ ने सरकार से मांग की है कि ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
एचआरटीसी कर्मचारी महासंघ (इंटक) के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उमेश शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की सभी समस्याओं और लंबित भत्तों को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र तैयार किया गया है। इसे जल्द ही सरकार और निगम प्रबंधन को सौंपा जाएगा। हमारा मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को उनका हक दिलाना और उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर रोक लगवाना है।
इंटक की नई कार्यकारिणी गठित, समर बने प्रदेशाध्यक्ष
अधिवेशन में सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। इसमें समर चौहान को प्रदेश अध्यक्ष, रविंद्र कुमार को प्रधान चुना गया। इसके अलावा डिंपल कुमार उपप्रधान, अजय कुमार मुख्य सचिव और अमित सैनी कोषाध्यक्ष बनाया गया।