धर्मशाला। हिमाचल पर्यटन विकास निगम की आठ इकाइयों को ठेके पर निजी हाथों में देने के प्रदेश सरकार के निर्णय का निगम के कर्मचारी कड़ा विरोध कर रहे हैं। एचपीटीडीसी कर्मचारी यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष शशिपाल शर्मा ने बुधवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस सरकार निगम की आठ यूनियनों को ओएन बेसिस (ठेके पर निजी हाथों में) देने जा रही है, जिसका कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे हैं। विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह विरोध केवल धर्मशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश सचिवालय, विधानसभा और राज्य के अन्य हिस्सों में भी जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन इकाइयों को निजी हाथों में देने की तैयारी है, उनमें होटल चांसलर रोहड़ू, गिरी गंगा खड़ा पत्थर, होटल फागू, बिलासपुर का होटल लेक व्यू, परवाणू का शिवालिक होटल और कसौली की हेरिटेज बिल्डिंग रोज कॉमन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी होटल विभाग के लिए आय का मुख्य स्रोत रहे हैं। बिलासपुर का होटल लेक व्यू जिले का एकमात्र एचपीटीडीसी होटल हैं, जहां प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ वीआईपी मूवमेंट भी होती है, ऐसे में इसे निजी हाथों में देना उचित नहीं है। कर्मचारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक इस संबंध में जारी अधिसूचना को रद्द नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। संवाद