हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा की नियमित और राज्य मुक्त विद्यालय की परीक्षाएं 3 मार्च से एक साथ शुरू होंगी। इस बार बोर्ड ने न केवल समय पर परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है, बल्कि छात्र हित में प्रश्नपत्रों की रूपरेखा में भी ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। शनिवार को धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने यह जानकारी दी। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि पिछले कई वर्षों से विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच प्रश्नपत्रों की सीरीज को लेकर असंतोष रहता था। विद्यार्थियों का तर्क था कि किसी सीरीज में प्रश्न बहुत कठिन होते हैं तो किसी में सरल। इस समस्या को जड़ से खत्म करते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि अब तीनों सीरीज में प्रश्न बिल्कुल एक समान होंगे। अंतर केवल इतना होगा कि प्रश्नों का क्रम बदला जाएगा। इससे न केवल मूल्यांकन में निष्पक्षता आएगी, बल्कि मेरिट सूची की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए बोर्ड ने प्रश्नपत्र के प्रारूप को आधुनिक बनाया है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस बार कुल अंकों का 20 प्रतिशत हिस्सा बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगा। इसके अलावा, विद्यार्थियों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर मॉडल प्रश्नपत्र और विस्तृत क्वेश्चन बैंक उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि विद्यार्थी परीक्षा के बदले हुए स्वरूप से पहले ही परिचित हो सकें।