-परागपुर तहसील परिसर के साथ तालाब का जलस्तर सामान्य से एक फीट नीचे
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संवाद न्यूज एजेंसी
परागपुर (कांगड़ा)। विरासत गांव परागपुर के बाजार में तहसील परिसर के साथ स्थित ऐतिहासिक तालाब इन दिनों प्रशासन की अनदेखी के कारण चमक खो रहा है। इस तालाब की विशेषता यह रही है कि इसमें पूरे साल पाइप के माध्यम से शेरनुमा मुख से पानी गिरता रहता है जो इसके सौंदर्य को बढ़ाता है।
हालांकि, लंबे समय से तालाब में लीकेज होने की वजह से जलस्तर सामान्य से एक फीट नीचे ही रह रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां से पानी का रिसाव हो रहा है वहां काई जमा रहने तक जलस्तर ठीक रहता है लेकिन जैसे ही काई हटती है तो जलस्तर नीचे चला जाता है।
अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गर्मी के कारण शेरनुमा मुख से पानी गिरना भी बंद हो गया है। कर्ण पंडित, दीपक पटियाल, ऋषभ सूद, राजीव धीमान, परविंदर ठाकुर, विभु सूद, अखिलेश सोनी, नीरज शर्मा, सेंटी शाह, संदीप सूद, महेश कौल, रजत शर्मा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तालाब का मालिकाना हक प्रदेश सरकार के पास है और इसकी देखरेख की जिम्मेदारी प्रशासन की बनती है। इस समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
तालाब के खाली से न केवल पर्यटन और सौंदर्य को ठेस पहुंच रही है बल्कि पर्यावरण पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए प्रशासन को तुरंत विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए। सबसे पहले तालाब की लीकेज को स्थायी रूप से ठीक करना आवश्यक है ताकि पानी का ठहराव सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही गर्मियों में पानी की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। यदि समय रहते सौंदर्यीकरण और तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया तो सरकार की यह संपत्ति पूरी तरह खराब हो सकती है।
परागपुर बाजार में स्थित तालाब अपनी दुर्दशा को लेकर रोता हुआ।