उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुछ ठेकों पर अलग-अलग ब्रांड की शराब और बीयर खरीदने के दौरान निर्धारित कीमत से अधिक भुगतान करना पड़ा। उनका आरोप है कि कई जगह बिल में दर्ज राशि और बोतल पर अंकित एमआरपी में अंतर देखने को मिला। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं से एमआरपी से अधिक कीमत वसूलना नियमों के विपरीत है।
लोगों का कहना है कि विभाग को समय-समय पर शराब ठेकों का निरीक्षण कर मूल्य सूची की जांच करनी चाहिए। साथ ही जहां भी ओवरचार्जिंग की शिकायत सही पाए जाए, वहां संबंधित लाइसेंसधारकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि प्रत्येक ठेके पर शराब और बीयर की मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए, ताकि ग्राहकों को सही कीमत की जानकारी मिल सके।
ऐसे करें शिकायत
यदि किसी शराब या बीयर के ठेके पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जाती है, तो उपभोक्ता संबंधित जिला आबकारी एवं कराधान अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के साथ खरीद का बिल, बोतल पर अंकित एमआरपी की फोटो, दुकान का नाम-पता तथा भुगतान का प्रमाण (यदि उपलब्ध हो) संलग्न करना चाहिए।