धर्मशाला। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर केंद्र सरकार के तय मापदंडों पर हिमाचल खरा नहीं उतरा है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने हिमाचल के मनरेगा बजट को रोक दिया है। 31 मार्च के बाद केंद्र के दिए गए लक्ष्यों सहित अन्य कार्यों के लिए समीक्षा बैठक होती है, जिसमें हिमाचल अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख पाया है। मनरेगा कार्यों के लिए बजट न आने से न तो मनरेगा मजदूरों को दिहाड़ी मिल रही है और न ही वेंडरों को सामग्री का पैसा मिल रहा रहा है। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्य बजट न आने से पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। भुगतान न होने पर वेंडरों ने अब पंचायतों में मनरेगा कार्यों के लिए सामग्री भेजना भी बंद कर दिया है। वहीं, सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा बजट पर यह रोक हिमाचल के लिए तय मानदंडों पर खरा न उतरने के चलते हुई है। वहीं, इस संदर्भ में परियोजना अधिकारी डीआरडीए कांगड़ा चंद्रबीर सिंह ने बताया कि बजट न आने से कुछ दिक्कतें पेश आई हैं, जिन्हें जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।