हमीरपुर। शिमला-मटौर फोरलेन निर्माण के चलते एनएचएआई के नियंत्रण वाले शहर से सटे बाईपास सड़क पर पड़े गड्ढे अब हादसे का कारण बन रहे हैं। यहां पर गड्ढों की भरमार है, जिससे आए दिन वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं।
लंबे समय से पक्का भरो से लेकर मट्टनसिद्ध तक इस बाईपास पर जगह-जगह गड्ढे हैं। इन गड्ढों का आकार इतना बड़ा है कि दोपहिया वाहन सवारों के लिए तो यह गंभीर चोट का कारण बन रहे हैं। मट्टनसिद्ध से लेकर कोहली तक भी यही हाल है। कई बार इस समस्या को जिला प्रशासन, विभाग और एनएचएआई के समक्ष स्थानीय लोग रख चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
स्थानीय लोगों में रमेश, राहुल, दिनेश, कोमल, विद्या देवी, राजेश, कमला, विद्याधर ने कहा कि यह सड़क अब एनएचएआई के हवाले है, लेकिन इस पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है। कई बार लोक निर्माण विभाग को समस्या के बारे में बताया गया है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस सड़क को एनएचएआई के नियंत्रण का हवाला देते हैं।
यहां पर न तो निर्माण कंपनी और न ही एनएचएआई के अधिकारी कोई गौर कर रहे हैं। यह बाईपास काफी सीधा है, ऐसे में यहां पर वाहन चालकों की स्पीड भी अधिक रहती है। ऐसे में इन गड्ढों में हादसे का खतरा दोगुना हो जाता है। एनएचएआई के अधिकारियों के ध्यान में कई बार समस्या लाई गई है, लेकिन समस्या का समाधान होने की बजाए समय के साथ गड्ढों का आकार बढ़ रहा है, जिससे हादसों के परिणाम भी गंभीर हो रहे हैं।
कोट
समस्या ध्यान में लाई गई है, जल्द ही इस विषय पर एनएचएआई को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। यह अहम राजमार्ग है, जिस पर वाहनों का दबाव भी अधिक होता है। ऐसे में शीघ्र ही समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अमरजीत सिंह, डीसी हमीरपुर