संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी पेंशनर्स को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने हमला बोला है। फ्रंट के राज्य प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने कहा कि सरकार की घोषणाएं कागजी साबित हो रही हैं। जमीनी स्तर पर पेंशनर्स को कोई राहत नहीं मिल रही। 27 जनवरी, 2026 को जारी अधिसूचना में ग्रेच्युटी का 50 प्रतिशत और लीव इनकैशमेंट का 70 प्रतिशत भुगतान करने का वादा किया था। तीन महीने बीतने के बावजूद पेंशनर्स को कोई भुगतान नहीं हुआ। कोषागार कार्यालय बिल स्वीकार करने से भी मना कर रहे हैं।
फ्रंट ने 25 अप्रैल को शेष 30 प्रतिशत भुगतान की नई अधिसूचना जारी करने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब पहले भुगतान ही नहीं हुआ तो नई घोषणा का कोई औचित्य नहीं है। यह केवल पेंशनर्स के साथ छलावा है। फ्रंट ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर लंबित भुगतान तुरंत जारी करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।