मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के बाद मंत्री चंद्र कुमार और अन्य। -स्रोत : संस्थान
रैहन (कांगड़ा)। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि सरकारी शिक्षकों को विद्यालयों में घटती छात्र संख्या पर आत्ममंथन करना चाहिए। शिक्षण संस्थान ऊंची इमारतों से नहीं बल्कि योग्य शिक्षकों से पहचाने जाते हैं। अगर शिक्षक अच्छे होंगे तो बच्चों की संख्या भी निश्चित रूप से बढ़ेगी, इसलिए शिक्षकों को समय के साथ अपनी शिक्षण पद्धति में रचनात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।
उन्होंने यह बात बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरनोटा के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में कही। बता दें कि मंगलवार को नगरोटा सूरियां स्कूल के वार्षिक समारोह में भी मंत्री ने कहा था कि शिक्षकों की लापरवाही के कारण ही प्रदेश में 450 स्कूलों को बंद करना पड़ा था। अब बुधवार को भी मंत्री ने सरकारी शिक्षकों को शिक्षण पद्धति में सुधार लाने की नसीहत दी है।
हरनोटा स्कूल समारोह के दौरान कृषि मंत्री ने लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित विद्यालय के अतिरिक्त भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य स्कूल की चहारदीवारी में संवरता है, इसलिए आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। सीएम सुक्खू के नेतृत्व में सरकार शिक्षा क्षेत्र में ठोस सुधार कर रही है। इसी कड़ी में संसाधनों के सही उपयोग के लिए कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है। साथ ही रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है।
प्रो. चंद्र कुमार ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को अपनी ऐच्छिक निधि से 15 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने विद्यालय भवन के लिए छह कनाल भूमि दान करने वाले राम प्रसाद को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इससे पूर्व प्रधानाचार्य रविंद्र कौर ने वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। मंत्री ने शैक्षणिक, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को पुरस्कृत किया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।