धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन कांगड़ा के अध्यक्ष डॉ. उदय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) का अतिरिक्त प्रभार वर्तमान में चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) को सौंपा है। इससे डीएचएस और डीएमई दोनों की देखरेख की दोहरी जिम्मेदारी वर्तमान अधिकारी पर बोझ डाल सकती है। इनमें से प्रत्येक विभाग को अपने अलग-अलग अधिदेशों के लिए पूर्णकालिक नेतृत्व और रणनीतिक फोकस की आवश्यकता होती है। डीआईएस मुख्य रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और क्षेत्र संचालन से संबंधित है और डीएमई चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और संस्थागत शासन पर ध्यान केंद्रित करता है। अतिरिक्त जिम्मेदारियां दोनों निदेशालयों की दक्षता और प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं, जो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। इसलिए सरकार से मांग है कि विभाग डीएमई को डीएचएस के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने और निदेशक, स्वास्थ्य सेवाओं के पद के लिए एक समर्पित अधिकारी को नियुक्त करने पर विचार किया जाए।