पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आज पूरी तरह भ्रम, बहानों और विफलताओं की राजनीति पर उतर आई है। एक ओर पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को जानबूझकर टालकर यह सरकार लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजस्व घाटे और वित्तीय संकट का रोना रो-रोकर अपनी नीतिगत दिवालियापन को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रही है। सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकार की हर विफलता का केंद्रबिंदु डर, दिशाहीनता और राजनीतिक स्वार्थ है। कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही यह तय कर लिया था कि पंचायत और शहरी निकाय चुनाव किसी भी सूरत में नहीं करवाने हैं। नौ जनवरी को उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। परमार ने सवाल उठाया कि सरकार चुनाव करवाने के प्रति ईमानदार थी, तो फिर हाईकोर्ट के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की नौटंकी क्यों की गई।