नरसिंह मंदिर रक्कड़ में श्रीनरसिंह पुराण कथा के समापन पर मौजूद महिलाएं। -स्रोत : आयोजक
रक्कड़ (कांगड़ा)। परमात्मा परम चैतन्य, ज्योतिर्मय और पूर्ण है, और वह हर समय हमारे साथ है। यह संदेश श्रीनरसिंह पुराण कथा के समापन सत्र में अतुल कृष्ण महाराज ने भगवान नरसिंह मंदिर रक्कड़ में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा हमेशा से मौजूद है, वह हमारी खोज के बाद में प्रकट नहीं होता, बल्कि हमारी खोज से पहले ही वह हमारे साथ था।
अतुल कृष्ण महाराज ने ज्ञानसूत्र के रूप में ईशावास्योपनिषद के महावाक्य की व्याख्या की और बताया कि ज्ञानी के लिए यही ज्ञान पर्याप्त है। जो लोग इसे नहीं समझ सकते, उनके लिए शेष पुस्तक ईशावास्योपनिषद है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सत्य कभी बदलता नहीं है। जैसे न्यूटन के पहले भी पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण का बल था, वैसे ही परम सत्य, परमात्मा, हमेशा से अस्तित्व में था और रहेगा।
कथा के समापन पर उन्होंने भगवान श्रीराम के चरित्र, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्ति की महिमा का वर्णन किया। श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा से इन कथाओं को सुना और आत्मसात किया।