रोटरी भवन पालमपुर के बाहर नारेबाजी करतीं छात्राएं। -स्रोत : जागरूक पाठक
पालमपुर (कांगड़ा)। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पालमपुर को घुग्घर स्कूल में मर्ज करने और वहां सीबीएसई पैटर्न लागू करने के सरकारी निर्णय ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को फैसले के विरोध में स्कूल की छात्राएं और उनके अभिभावक खुले तौर पर सड़कों पर उतर आए। छात्राओं ने रोटरी भवन के बाहर विधायक आशीष बुटेल का घेराव कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि वे शुरू से हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के तहत पढ़ाई कर रही हैं। अब अचानक उन पर सीबीएसई पैटर्न थोपना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है, क्योंकि नया पाठ्यक्रम उनकी समझ से बाहर हो सकता है। इससे उनके परीक्षा परिणाम प्रभावित होंगे। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी कीमत पर घुग्घर स्कूल नहीं जाएंगी। उन्हें स्कूल को को-एजुकेशन (सह-शिक्षा) बनाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वे अपने ऐतिहासिक स्कूल का अस्तित्व खत्म नहीं होने देना चाहतीं।
रोटरी भवन में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे विधायक आशीष बुटेल ने प्रदर्शनकारी छात्राओं और अभिभावकों की दलीलों को विस्तार से सुना। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि वह इस मामले को तुरंत शिक्षा मंत्री और राज्य सरकार के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि छात्राओं के भविष्य और उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही कोई उचित समाधान निकाला जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या स्कूल पालमपुर की छात्राओं ने स्कूल को मर्ज न करने और सीबीएसई पैटर्न लागू न करने की मांग रखी है। इसको मांग को शिक्षा मंत्री और सरकार के सामने जाएगा, ताकि कोई समस्या न आए। छात्राओं के भविष्य को लेकर उन्हें कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -आशीष बुटेल, विधायक पालमपुर