धर्मशाला। गांव घट्टा स्थित मंदिर का मालिकाना और पूजा-पाठ विवाद एक बार फिर ट्रायल कोर्ट पहुंच गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीएसजे)-द्वितीय शीतल शर्मा की अदालत ने राज कपूर की सिविल अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत के 11 जनवरी 2022 के फैसले व डिक्री को रद्द कर दिया है।
इसके साथ ही अदालत ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस ट्रायल कोर्ट भेजते हुए दोनों पक्षों को 9 अक्तूबर को पेश होने के आदेश दिए हैं। सत्र अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि मुकदमे के दौरान जिस प्रतिवादी की मृत्यु हो चुकी हो और उसके कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड पर न लाया गया हो, उसके खिलाफ पारित फैसला कानूनी रूप से मान्य नहीं रह सकता।
अपील में यह मुख्य आधार बना कि मामले में एक प्रतिवादी की मृत्यु 3 दिसंबर 2020 को हो चुकी थी, लेकिन उनके वारिसों को पक्षकार बनाए बिना ही फैसला सुना दिया गया था। मामले के अनुसार वादी ने मंदिर पर कब्जे और पूजा-पाठ में हस्तक्षेप के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा मांगी थी। उनका दावा था कि 1975 में उनके पिता ने मंदिर बनवाया था, जबकि प्रतिवादियों का तर्क था कि मंदिर ग्रामीणों के सहयोग से बना है और इसकी देखरेख समिति करती है। ट्रायल कोर्ट ने पहले वादी का वाद खारिज कर दिया था, जिसे अब सत्र अदालत ने निरस्त कर नए सिरे से सुनवाई तय की है।