डमटाल (कांगड़ा)। विकास खंड इंदौरा के अंतर्गत आने वाले डमटाल और आसपास के क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलिंडर की भारी किल्लत का सीधा असर अब स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील (दोपहर के भोजन) पर पड़ने लगा है। गैस की नियमित आपूर्ति न होने के कारण कई स्कूलों में भोजन पकाने के लिए अब वैकल्पिक तौर पर इंडक्शन चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है।
सूरजपुर, मोहटली, ढांगू पीर, डमटाल, माजरा, बलीर और मलोट सहित कई अन्य स्कूलों में मिड-डे मील वर्कर गैस की कमी से जूझ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि एक ओर जहां सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहे, वहीं दूसरी ओर इनके बढ़ते दाम स्कूल प्रशासन के बजट पर भारी पड़ रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोहटली के प्रधानाचार्य बलविंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम है, लेकिन जैसे ही नया शैक्षणिक सत्र पूर्ण रूप से शुरू होगा, भोजन पकाने की समस्या और विकराल हो सकती है।
उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि स्कूलों के लिए गैस सिलिंडर की पर्याप्त और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों के पोषण में कोई बाधा न आए। संवाद