धर्मशाला। आदर्श आचार संहिता हटते ही गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया जोर पकड़ेगी। अब चुनाव के बाद ही गगल एयरपोर्ट विस्थापितों को मुआवजा आदि देने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। चुनाव के चलते जिला प्रशासन ने भी मुआवजे संबंधी प्रक्रिया को अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया है। गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के बाद होने वाले विस्थापितों को कहां-कहां बसाया जाना है, उसके लिए जिला प्रशासन ने स्थानों को भी चिह्नित कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया की गति को लोकसभा चुनाव के चलते लगी आदर्श आचार संहिता ने धीमा कर दिया है। चुनाव होते ही गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण की प्रक्रिया के जोर पकड़ने की उम्मीद है। चुनाव के बाद ही अब गगल एयरपोर्ट के विस्थापितों को मुआवजा आदि देने की प्रक्रिया शुरू होगी। विस्थापितों को बसाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से शाहपुर, कांगड़ा और धर्मशाला विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न इलाकों में भूमि चिह्नित की गई है। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र कांगड़ा के तहत करीब पांच, शाहपुर और धर्मशाला विस क्षेत्रों के तहत अभी तक करीब तीन-तीन स्थानों को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा अन्य स्थानों को भी विस्थापितों को बसाने के लिए चिह्नित किया जा रहा है।
14 गांव होंगे प्रभावित, 147 हेक्टेयर भूमि की है चिह्नित
एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए 14 गांवों से करीब 1,200 परिवारों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिग्रहण के लिए सरकार ने 14 गांवों की सरकारी और निजी करीब 147 हेक्टेयर (करीब 3847 कनाल) जमीन चिह्नित की है। इसमें 123 हेक्टेयर निजी और 24 हेक्टेयर सरकारी भूमि चिह्नित की गई है। इस विस्तारीकरण की जद में करीब 938 मकान और 594 के करीब दुकानें हैं, जो एयरपोर्ट की जद में आएंगे। इसके अलावा कुछ अन्य भवन और दुकानें भी हैं जो सरकारी भूमि पर बने हैं।
विस्तारीकरण जद में आएंगे ये गांव
एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में विधानसभा क्षेत्र कांगड़ा के तहत बाग, बल्ला, बरस्वालकड़, भेड़ी, ढुगियारी खास, गगल खास, झिकली इच्छी, मुगरेहड़, सहौड़ा और सनौरा गांव आएंगे। इसके अलावा शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत रछियालु, जुगेहड़, भड़ोत और कियोड़ी गांव इसकी जद में आएंगे।
3110 मीटर होगी हवाई पट्टी-
मौजूदा समय में गगल एयरपोर्ट की हवाई पट्टी 1370 मीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी है। 2015 में हुए सर्वे के अनुसार 1700 मीटर होना था। इसके बाद सरकार ने दोबारा सर्वे करवाकर हवाई पट्टी को 1370 मीटर से बढ़ाकर 2050 मीटर करने की योजना बनाई। इसके बाद 2400 मीटर और अब रनवे को 3110 मीटर करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे हो चुका है।
गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण का पूरा खाका तैयार हो गया है। एयरपोर्ट विस्थापितों को कहां पर बसाया जाना है, इसके बारे में भी भूमि को चिन्हित कर लिया गया है। गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण की आचार संहिता समाप्त होते ही आगामी प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
- डॉ. हरीश गज्जू, एडीएम, कांगड़ा।