भलेड़ हादसे में मृतकों के अंतिम संस्कार के दौरान एकत्रित लोग। -स्रोत :जागरूक पाठक
रैत (कांगड़ा)। शाहपुर के भलेड़ पावर हाउस के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवकों का रविवार को गांव झुनैना के श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक साथ तीन नौजवानों की अर्थियां उठते ही पूरा गांव रो पड़ा। हर आंख से आंसू छलक पड़े और घरों में मातम पसर गया। युवकों की मौत से तीनों गरीब परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
रविवार को झुनैना गांव के श्मशानघाट का दृश्य बेहद भावुक और दर्दनाक था। 38 वर्षीय अशोक कुमार को उनके पांच साल के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी। अपने परिवार के इकलौते बेटे 18 वर्षीय प्रिंस को उसके बेबस पिता पूरन चंद ने कांपते हाथों से मुखाग्नि देकर विदा किया। वहीं 30 वर्षीय पवन कुमार को उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।
हादसे का शिकार हुए तीनों युवक शुक्रवार रात एक धार्मिक सम्मेलन में जा रहे थे। दूली काकड़ा के पास भूस्खलन हुआ था, इसलिए वे घर लौट रहे थे। रास्ते में भलेड़ के पास बाइक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। 12वीं पास कर चुके इकलौते बेटे प्रिंस से माता-पिता को बड़ा सहारा था। अशोक और पवन भी मजदूरी से परिवार का खर्च चलाते थे। हादसे ने तीनों परिवारों का सहारा छीन लिया।
अंतिम संस्कार में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सभी ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। इस दौरान जिला परिषद सदस्य संदीप ठाकुर, दरीणी पंचायत के प्रधान गगन सिंह, उपप्रधान हंसराज, वार्ड सदस्य किरण देवी और ग्रामीणों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए।