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Kangra News: सकोह में एफएसएसएम प्लांट तैयार 1000 रुपये में साफ होगा सेप्टिक टैंक

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धर्मशाला के सकोह में 10 करोड़ की लागत से बना है अत्याधुनिक एफएसएसएम प्लांट। अमर उजाला
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के हजारों परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है, जो कई वर्षों से सीवरेज लाइन की कमी और सेप्टिक टैंकों की सफाई की समस्या से जूझ रहे थे। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत धर्मशाला-गगल मार्ग पर सकोह में प्रदेश का पहला मल कीचड़ और सेप्टेज प्रबंधन (एफएसएसएम) प्लांट एक अप्रैल से क्रियाशील हो जाएगा। इससे शहरवासी मात्र 1000 रुपये में सेप्टिक टैंक की सफाई करवा सकेंगे।
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करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह आधुनिक संयंत्र न केवल स्वच्छता के मानकों को बदलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा। वर्ष 2015-16 में नगर परिषद से नगर निगम में अपग्रेड होने के बाद धर्मशाला में कई ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया था। 17 वार्डों वाले नगर निगम के मर्ज क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों और अन्य कारणों से अभी तक सीवरेज लाइन नहीं बिछ पाई है।

ऐसे में यहां के निवासी पूरी तरह सेप्टिक टैंकों पर निर्भर हैं। अब निगम प्रशासन ने तय किया है कि नागरिक मात्र 1000 रुपये का सरकारी शुल्क जमा कर अपने घरों के टैंकों की वैज्ञानिक तरीके से सफाई करवा सकेंगे। अभी तक निजी टैंकरों के माध्यम से सेप्टिक टैंक खाली करने के लिए मनमाना शुल्क वसूला जाता था। इसके साथ ही सबसे बड़ी चुनौती उस गंदगी के निपटान की थी।
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अक्सर प्राइवेट ऑपरेटर इस गंदगी को रात के अंधेरे में जंगलों, खड्डों या नालों के किनारे फेंक देते थे, जिससे पेयजल स्रोत दूषित हो रहे थे और बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता था। अब सकोह स्थित प्लांट में वैक्यूम ट्रकों के जरिए मल लाया जाएगा और उसे वैज्ञानिक पद्धति से उपचारित किया जाएगा।

जैविक खाद का होगा निर्माण और सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

यह एफएसएसएम परियोजना केवल गंदगी को ठिकाने लगाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह वेस्ट टू वेल्थ के सिद्धांत पर आधारित है। प्लांट में एकत्रित मल कीचड़ को विभिन्न वैज्ञानिक चरणों से गुजारने के बाद उससे उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाएगी, जिसे बागवानी और कृषि कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा उपचारित किए गए पानी को इतना स्वच्छ बनाया जाएगा कि उसका उपयोग सिंचाई, सड़कों की सफाई और निर्माण कार्यों में हो सके।

पांच वर्षों तक निर्माण कंपनी ही करेगी संचालन

स्मार्ट सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस प्लांट का संचालन शुरुआती पांच वर्षों तक निर्माण करने वाली कंपनी ही करेगी, जिससे इसकी गुणवत्ता और कार्यक्षमता सुनिश्चित बनी रहेगी। यह मॉडल प्रदेश के अन्य छोटे नगर निकायों के लिए भी एक मार्गदर्शक बनेगा।

ऐसे उठाएं सरकारी सुविधा का लाभ

यदि आप भी अपने घर के सेप्टिक टैंक की सफाई करवाना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रिया बेहद सरल है।

रसीद कटाएं : सबसे पहले नगर निगम कार्यालय जाकर निर्धारित 1000 रुपये का शुल्क जमा करें।

बुकिंग : प्राप्त रसीद को सकोह स्थित प्लांट की संचालक कंपनी को उपलब्ध करवाएं।

होम सर्विस : कंपनी का वैक्यूम ट्रैक्टर/टैंकर आपके घर पहुंचकर टैंक खाली करेगा।

परिवहन शुल्क : यदि आपका घर प्लांट से 5 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर है तो आपको 200 से 300 रुपये तक का अतिरिक्त परिवहन शुल्क देना होगा।



एक अप्रैल से सकोह प्लांट पूरी तरह क्रियाशील हो जाएगा। यह सीवरेज लाइन की तुलना में एक सस्ता और सुगम विकल्प है। इससे भूजल प्रदूषण पर लगाम लगेगी और शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार होगा। -संदीप गुलेरिया, वरिष्ठ सहायक अभियंता, जलशक्ति विभाग धर्मशाला
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