धर्मशाला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-द्वितीय देहरा गौरव चौधरी की अदालत ने वर्ष 2014 में पंजाब नेशनल बैंक कालोहा के एटीएम का शटर और ताले तोड़कर नकदी से भरा चेस्ट चोरी करने के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया है।
अदालत ने जितेंद्र सिंह, संदीप सिंह, बलविंद्र सिंह और सुरिंद्र सिंह निवासी सदर जलालाबाद, जिला फाजिल्का, पंजाब को भारतीय दंड संहिता की धारा 143, 457, 380 और 201 सहपठित धारा 149 के तहत दोषी ठहराया है। सजा की मात्रा पर 24 अगस्त को सुनवाई होगी।
मामला 26-27 सितंबर 2014 की मध्यरात्रि का है। एटीएम में कुल 6,58,700 रुपये थे। अंतिम लेनदेन के बाद इसमें 5,97,700 रुपये मौजूद थे। आरोपियों ने शटर और ताले तोड़कर नकदी वाला चेस्ट बाहर निकाला और वाहन में रखकर भाग गए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी कैमरे पर काला स्प्रे कर दिया था।
जांच के दौरान नादौन पुलिस ने संदेह के आधार पर हरियाणा नंबर का एक वाहन पकड़ा। वाहन से गैस सिलिंडर, हथौड़ा, टायर लीवर, प्लास, पाइप, कटर और स्प्रे की बोतल समेत अन्य सामान बरामद हुआ। आरोपियों के खुलासे के आधार पर एटीएम चेस्ट और अन्य सामान भी बरामद किया गया।
चेस्ट से बरामद 5,97,700 रुपये का बैंक रिकॉर्ड से मिलान हुआ। फोरेंसिक जांच में सीसीटीवी पर मिले काले पदार्थ और बरामद स्प्रे की रासायनिक संरचना भी समान पाई गई। अभियोजन पक्ष ने मामले में 20 गवाहों के बयान करवाए।
अदालत ने परिस्थितिजन्य, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। मामले में पांचवें आरोपी मलकीत सिंह को 26 जून 2025 को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है।