कांगड़ा जिले की त्रियूंड और करेरी सहित अन्य साइटों को लीज पर दिया जाएगा
ईको टूरिज्म सोसायटी ने शिमला में लीज के लिए शुरू की टेंडर प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। ट्रैकिंग साइटों के संचालन के लिए वन विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अब प्रदेश सरकार ने सभी ट्रैकिंग साइटों को लीज पर देने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिमला से अब ईको टूरिज्म सोसायटी और प्रदेश सरकार की ओर से सभी ट्रैकिंग साइटों को लीज पर देने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
कांगड़ा जिले की त्रियूंड, करेरी सहित अन्य साइटों को लीज पर दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रैकिंग पर जाने से पहले पंजीकरण चौकियों को भी लीज पर दिया जाएगा, जो अभी अंडर प्रोसेस है।
अगर सरकार ट्रैकिंग साइटों को लीज पर देगी तो इससे सैलानियों और स्थानीय लोगों पर अधिक बोझ पड़ सकता है। फिलहाल त्रियूंड जाने के लिए वन विभाग की ओर से प्रति व्यक्ति 100 रुपये की पर्ची काटी जा रही है, लेकिन जब साइट को लीज पर दे दिया जाएगा तो संबंधित ठेकेदार अपनी कमाई के चक्कर में इस दामों में जरूर बढ़ोतरी करेगा, जिससे अतिरिक्त बोझ सैलानियों पर पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार टेंडर न होने के कारण अभी फिलहाल वन विभाग के कर्मचारी ही त्रियूंड जोने के लिए गलू चौकी पर पर्ची काट रहे हैं। रात को वहां रुकने के लिए सैलानियों से अतिरिक्त पैसे वसूल किए जा रहे हैं। पहले त्रियूंड जाने के लिए ईको टूरिज्म सोसायटी की ओर से 200 रुपये प्रति व्यक्ति पंजीकरण फीस तय की गई थी, लेकिन लोगों के विरोध के बाद इसे कम कर 100 रुपये किया गया था। साइटों को लीज पर देने का मुख्य कारण वन विभाग में कर्मचारियों की कमी है।
कोट्स....
- ट्रैकिंग साइटों को लीज पर देने के लिए शिमला से ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। जैसे ही कोई ठेकेदार इसे लीज पर लेगा, इसके बाद वह खुद साइटों का संचालन करेगा। इसके लिए वन विभाग की चौकियों को लीज पर देने का कार्य भी अंडर प्रोसेस है। - दिनेश शर्मा, डीएफओ, वन मंडल धर्मशाला