नगरी (कांगड़ा)। भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने सुक्खू सरकार के बजट को विरोधाभास का पुलिंदा करार देते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब बजट का आकार बढ़ने के बजाय छोटा हो गया है। कपूर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले वर्ष का बजट 58,514 करोड़ रुपये था, जिसे घटाकर इस बार 54,928 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
त्रिलोक कपूर ने आरोप लगाया कि बजट का आकार छोटा करना मुख्यमंत्री की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब बजट ही कम होगा तो विकास कार्यों के लिए पैसा कहां से आएगा? कपूर ने विधानसभा अध्यक्ष की ''देहरा-नादौन'' वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट पूरे हिमाचल का नहीं, बल्कि चुनिंदा क्षेत्रों का है, जिसमें अन्य जिलों की अनदेखी की गई है।
बजट में 3586 करोड़ की कटौती दुर्भाग्यपूर्ण : प्रवीन
पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व भाजपा विधायक प्रवीन कुमार ने वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह संभवतः पहला मौका है जब बजट में 3586 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि आज तक हर मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष की तुलना में बजट का आकार बढ़ाया है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे घटाकर नया और नकारात्मक रिकॉर्ड बनाया है। प्रवीन कुमार ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने कहा था कि बजट उन्होंने स्वयं बनाया है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री स्वयं को धरातल का नेता मानते हैं, तो बजट में गरीब परिवारों की व्यथा और पीड़ा का जिक्र क्यों नहीं है। उन्होंने इस कटौती को प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ा झटका करार दिया।
समग्र विकास और सामाजिक सुरक्षा को समर्पित बजट : बिट्टू
बैजनाथ (कांगड़ा)। कांग्रेस नेता रविंद्र बिट्टू ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पेश बजट का स्वागत करते हुए इसे जनहितकारी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसान, युवा, महिला और व्यापारी वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रविंद्र बिट्टू ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता के निर्णय की सराहना की। इस अवसर पर रविंद्र राव, मिलाप राणा, रमेश चड्डा और अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के नए आयाम स्थापित करेगा।