धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार भी कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों का समर्थन में उतर आए हैं। साथ ही कांग्रेस सरकार पर उन्होंने कर्मियों के शोषण और बेरोजगार युवाओं को रोजगार की गांरटी के नाम पर ठगने पर बड़े सवाल उठाए हैं। परमार ने कहा कि अब हर वर्ग के कर्मचारी और पेंशनर्ज सड़कों पर उतर रहे हैं, जबकि युवा वर्ग को पहले ही सुक्खू की सरकार ने सड़कों पर धरने-प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर करके रखा हुआ है। रूटीन में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं सहित नई भर्तियों पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सवाल पूछा है कि आखिर वह राज्य को किस दुर्गति की ओर धकेलने की साजिश कर रही है। ये पहली ऐसी सरकार है जो ऋण तो बेतहाशा ले रही है, लेकिन न तो समय पर सैलरी मिल रही है और न डीए और एरियर घोषणा के बावजूद दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चेताते हुए कहा कि आपने जो घोषणाएं की है, उसके अनुरूप कर्मचारियों और पेंशनरों को उनका हक अविलंब जारी किया जाए। विपिन परमार ने कहा कि अब प्रदेश के हितों, कर्मचारियों, पेंशनर्ज और युवाओं के हक के लिए भाजपा हर मोर्च पर सड़क पर उतरकर कांग्रेस सरकार को जनता के कठघरे में खड़ा करेगी।