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Kangra News: अग्निशमन यंत्र एक्सपायर, आपातकालीन गेट पर ताला

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सचिन चौधरी
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धर्मशाला। मरीजों के स्वास्थ्य को सुधारने वाले धर्मशाला अस्पताल की खुद की हालत खराब है। बद्दी के भीषण अग्निकांड से भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सबक नहीं ले पाए हैं। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के क्षेत्रीय अस्पताल में आग बुझाने वाले अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं। ऐसे में स्टाफ सहित मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। यही नहीं अग्निकांड के दौरान भागने के लिए बनाए गए फायर एग्जिट डोर पर ताला लटका हुआ है। इस फायर एग्जिट डोर को स्थायी तौर पर बंद ही रखा जाता है। अग्निकांड के दौरान लोगों की जान बचाने वाला रास्ता ही उनकी सुरक्षा में रोड़ा बन सकता है। इसके अलावा आग पर काबू पाने के लिए लाल बाल्टियों में रखी रेत भी अस्पताल परिसर के बाहर बारिश का पानी पी रही है लेकिन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने के बजाय अस्पताल प्रशासन आराम से बैठा है।
हाल ही में हिमाचल प्रदेश के बद्दी में एक पर्फ्यूम की फैक्टरी में लगी भीषण अग्निकांड से सबक लेने के बजाय सुरक्षा को दरकिनार करते हुए अस्पताल प्रशासन बेखबर बैठा हुआ है। अस्पताल में आने वाले मरीजों की जान की परवाह को दरकिनार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के हर एक मंजिल पर केवल दो से तीन अग्निशमन यंत्र रखे गए हैं, जो इस समय एक्सपायर हो गए हैं। वहीं कुछेक अग्निशमन यंत्रों की पाइप तक नहीं है। वहीं फायर एग्जिट दरवाजे पर भी ताला लगाया हुआ है।
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धर्मशाला के क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज अपना उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं। कई मरीज अस्पताल में भर्ती भी रहते हैं। इतने बड़े अस्पताल में इस तरह की चूक पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों और तीमारदारों में भी अस्पताल प्रशासन के प्रति रोष है।
धर्मशाला अस्पताल में लंबे समय से ऑटोमेटिक फायर सिस्टम स्थापित किया जा रहा है, जो आज दिन तक धरातल पर नहीं उतर पाया है। अभी इस ऑटोमेटिक फायर सिस्टम का आधा काम भी पूरा नहीं हो पाया है। सालों से चल रही इस योजना के तहत अभी काम भी शुरू नहीं हो पाया है।
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अस्पताल में लगाए अग्निशमन यंत्रों की महज वेलिडिटी खत्म हुई है, न कि वे एक्यपायर हुए हैं। अस्पताल में तीन माह से हो रही चोरियों के चलते इमरजेंसी दरवाजे को बंद रखा गया है। अस्पताल में डेढ़ करोड़ की लागत से एडवांस फायर सिस्टम अगले माह से शुरू हो जाएगा। - डॉ राजेश गुलेरी, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला।
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