धर्मशाला। डिशवॉशर मशीन के चार माह में ही खराब होने और वारंटी के बाद भी उसे न बदलने पर कंपनी को नौ फीसदी ब्याज सहित 50,390 रुपये लौटाने होंगे। साथ ही मुआवजे के तौर पर 20 हजार और न्यायालय शुल्क के रूप में 15 हजार रुपये उपभोक्ता को देने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य नारायण ठाकुर और आरती सूद की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। आयोग के समक्ष भूपिंद्र सिंह निवासी छतरोली, जसूर ने इस बाबत शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि उन्होंने एलजी इलेक्ट्रॉनिक इंडिया कंपनी की डिशवॉशर मशीन जसूर में कंपनी के अधिकृत विक्रेता से 11 जनवरी 2023 को खरीदी थी। इस डिशवॉशर के लिए उन्होंने 50,390 रुपये का भुगतान किया था और कंपनी की ओर से इसकी एक वर्ष की वारंटी दी गई थी। इसको घर में स्थापित करने के चार महीने बाद ही पानी के रिसाव की समस्याएं होने लगीं। इस पर शिकायतकर्ता ने कंपनी और उसके अधिकृत विक्रेता के समक्ष शिकायत भी दर्ज करवाई। इस पर कंपनी की ओर से एक इंजीनियरों ने शिकायतकर्ता के घर चार से पांच बार दौरा किया, लेकिन वास्तविक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि इस दौरान इंजीनियर ने बताया था कि पानी का प्रेशर अधिक है, लेकिन प्रेशर को नियंत्रित करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने कंपनी से कई बार खराब डिशवॉशर को बदलने का अनुरोध किया, लेकिन इसे नहीं बदला गया। इसके बाद उन्होंने कंपनी पर सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई गई। इस पर आयोग ने सभी तथ्यों को जांचने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।