धर्मशाला। खुद को राष्ट्रीय अपराध निरोधक टीम का अधिकारी बताकर एक परिवार को जेल भेजने की धमकी देने और आपराधिक मामला बंद करवाने के नाम पर रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है।
शिकायत के आधार पर फतेहपुर पुलिस ने एक व्यक्ति और दो महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हाड़ा निवासी देवेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 अक्तूबर को मनोज शर्मा दो महिलाओं के साथ उसके पास आया, इनमें एक महिला की पहचान गंगोली निवासी बबनीत के रूप में हुई है।
मनोज ने खुद को राष्ट्रीय अपराध निरोधक टीम का अधिकारी बताते हुए कहा कि देवेंद्र के भाई के खिलाफ शिकायत दर्ज है। आरोप है कि इसके बाद मनोज देवेंद्र को साथ लेकर उसके भाई धीरज के घर पहुंचा और मामला बंद करवाने के बदले 50 हजार रुपये मांगे।
रुपये नहीं देने पर पूरे परिवार को गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी। डर के कारण धीरज की पत्नी ने मौके पर 10 हजार रुपये नकद दिए, जबकि पांच हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए। शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद भी आरोपी लगातार फोन कर रुपये मांगता रहा।
19 अक्तूबर को भी ऑनलाइन भुगतान किए जाने का आरोप है, हालांकि इसकी राशि स्पष्ट नहीं है। देवेंद्र ने 24 अक्तूबर को एसपी नूरपुर से शिकायत कर कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की।
एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने, जबरन वसूली, धमकी देने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज है। रुपये के लेन-देन सहित अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।