पालमपुर के चाय बगीचों में बिछी बर्फ की चादर। -स्रोत : जागरुक पाठक
पालमपुर (कांगड़ा)। पर्यटन नगरी पालमपुर और इसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिला। करीब 15 साल के लंबे अंतराल के बाद पालमपुर शहर के ऊपरी हिस्सों और चाय के बागानों में बर्फबारी हुई है। शुक्रवार रात करीब 11 बजे जब बर्फ की फुहारें गिरनी शुरू हुईं तो कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए घरों से बाहर निकल आए।
शनिवार सुबह जब पालमपुर के लोगों की आंख खुली तो शहर के ऊपरी इलाकों सहित धौलाधार की तलहटी में बसे गांव जखणी, कंडी, द्रोगणु, डोब और बंदला पूरी तरह सफेद चादर में लिपटे नजर आए। हरी वादियों और चाय के बगीचों पर जमी बर्फ का दीदार करने के लिए सुबह से ही बंदला और जखणी माता जैसे पर्यटन स्थलों पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों का तांता लग गया।
स्थानीय निवासी विकास, सुनील और राजेश ने खुशी जताते हुए कहा कि पालमपुर में इतने सालों बाद बर्फ गिरना सुखद अहसास है। इससे न केवल मौसम सुहावना हुआ है, बल्कि कृषि और पर्यटन के लिहाज से भी यह बेहद लाभकारी है। वहीं, पालमपुर होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय शर्मा ने कहा कि धौलाधार की पहाड़ियों और पालमपुर के ऊपरी क्षेत्रों में हुई इस बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को बड़ा बूस्ट मिलेगा। वीकेंड होने के कारण भारी संख्या में पर्यटकों के पालमपुर पहुंचने की उम्मीद है।