मंडी। पढ़ाई में पीछे रह गए बच्चों को अब कक्षा स्तर तक लाने के लिए स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही हैं। जिले के 755 मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम के तहत जीरो पीरियड शुरू किया गया है। 17 अगस्त से ग्रीष्मकालीन अवकाश वाले स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू हुई है। वहीं, शीतकालीन सत्र वाले स्कूलों में 20 जुलाई से ही कार्यक्रम चल रहा है।
जीरो पीरियड में उन विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है जो हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों में अपनी कक्षा के अपेक्षित स्तर से पीछे हैं। ऐसे विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी कमजोरियों के अनुसार अतिरिक्त पढ़ाई करवाई जा रही है। विभाग का प्रयास है कि बुनियादी अवधारणाओं में कमजोर बच्चों की नींव मजबूत की जाए जिससे वे आगे की पढ़ाई में परेशानी महसूस न करें।
657 स्कूलों में पहुंचाई वर्कबुक
लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम के तहत जिले के 657 मिडल, हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में वर्कबुक उपलब्ध करवाई गई हैं। करीब 100 स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध करवाई गई है। छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार करना और शैक्षणिक कमियों को दूर करना है। विशेष रूप से हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में बच्चों के बुनियादी कौशल मजबूत किए जा रहे हैं। कक्षा स्तर से पीछे चल रहे विद्यार्थियों को लक्षित सहायता देकर उन्हें अन्य बच्चों के बराबर सीखने का अवसर देने पर जोर है। -मीना राठौर, डिप्टी डायरेक्टर (क्वालिटी एजुकेशन) मंडी