पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के डाॅ.जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) की ओर से प्रायोजित प्रदेश के मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में उद्यमिता विकास के लिए सजावटी मछली प्रजनन और पालन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. नवीन कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने के लिए प्रतिभागियों को बधाई दी और युवाओं को राज्य में आजीविका सृजन के लिए एक संभावित अवसर के रूप में सजावटी मछली पालन को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रदेश के विभिन्न भागों से कुल 50 किसानों और युवाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रतिभागियों को सजावटी मछली पालन के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ, जिसमें सजावटी मछली के प्रकार, मछली प्रजनन और पालन तकनीक, रोग प्रबंधन और उपचार और मछली पोषण और देखभाल शामिल थी। इसके अतिरिक्त, राज्य मत्स्य विभाग और एनएफडीबी के विशेषज्ञों ने सजावटी मछली पालन उद्यमों और अन्य संबंधित परियोजनाओं पर जानकारी पूर्ण सत्र दिए। प्रशिक्षण सत्र डॉ. तरंग शर्मा, डॉ. मधु शर्मा और डॉ. प्रसेनजीत धर द्वारा संचालित किए गए। डाॅ. जीसी नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर कुमार ने सजावटी मछली पालन की संभावना पर जोर देते हुए कहा कि किसानों और युवाओं के लिए एक शौक और लाभदायक उद्यम दोनों है। जो प्रदेश के मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में यह आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रमाण पत्र भी वितरित किए।