जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन पर केंद्रित रहा कार्यशाला का दूसरा दिन
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान स्कूल और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा के संयुक्त तत्वावधान में धर्मशाला स्थित एक निजी होटल में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कार्यशाला की शुरुआत केंद्रीय विवि के कुलपति प्रोफेसर सतप्रकाश बंसल के मार्गदर्शन में हुई। उद्घाटन सत्र में ताईवान के ख्यातिलब्ध वैज्ञानिक आचार्य चांग हूंग ली ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन की गंभीरता पर प्रकाश डाला और एशियाई परिप्रेक्ष्य में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों पर विचार साझा किए।
इसके पश्चात, विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। वैज्ञानिक डॉ. अमरीश महाजन, डीआरडीओ के वैज्ञानिक अनन्त नारायण भट्ट, सह आचार्य डॉ. अंकित टंडन, केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के आचार्य तेजपाल सिंह, केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के आचार्य संदीप पांडेय और गुजरात आपदा प्रबंधन संस्थान ने अपने-अपने क्षेत्रों में अनुभवों और नवीनतम शोधों को साझा करते हुए आपदा प्रबंधन की रणनीतियों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन आचार्य दीपक पंत के कुशल नेतृत्व में हुआ। वहीं, कार्यशाला की सफल आयोजन में सह-समन्वयक डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अरुण धवन एवं डॉ. रितंभरा उपाध्याय की अहम भूमिका रही। प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत जानकारी पूर्ण और प्रेरणादायक बताया। कार्यशाला का अंतिम दिन शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। ब्यूरो