जल्द मांगें पूरी न हुईं तो पेंशनर उठाएंगे ठोस कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संयुक्त संघर्ष समिति ने हिमाचल दिवस समारोह के दौरान लंबित पेंशन भुगतानों के संबंध में कोई ठोस घोषणा न होने पर गहरी निराशा और आक्रोश व्यक्त किया है।
पेंशनरों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से 30 मार्च 2026 को हुई बैठक में दिए आश्वासन के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। न ही निर्धारित समय के भीतर वार्ता का दूसरा दौर आयोजित किया गया है। इससे राज्य भर के पेंशनभोगियों और कर्मचारियों के बीच विश्वास की गंभीर कमी पैदा हो गई है।
पेंशनरों का कहना है कि आगामी आदर्श आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों से परामर्श के बाद निरंतर विरोध कार्यक्रमों सहित एक विस्तृत रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए मई 2026 के अंत तक एक आम बैठक आयोजित किए जाने की संभावना है।
समिति के राज्य सलाहकार सह उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र निखिल गुप्ता ने कहा कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त अधिकांश पेंशनभोगियों की अनदेखी की गई है। लाभों को केवल सेवानिवृत्त लोगों के एक सीमित वर्ग तक सीमित रखना मनमाना और अनुचित दृष्टिकोण दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अभी तक 13 फीसदी महंगाई भत्ता व सेवानिवृत्ति भत्ता, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया सहित लंबित भुगतान अभी भी तक अनसुलझे हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनरों में दिन-प्रतिदिन रोष पनप रहा है। यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो समिति की ओर से ठोस कदम उठाए जाएंगे।