धर्मशाला। ई-केवाईसी न करवाने के कारण अस्थायी रूप से ब्लॉक किए गए राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद राशन नहीं मिल पा रहा है। उचित मूल्य की दुकानों पर उपभोक्ताओं को बताया जा रहा है कि उन्हें इस बार भी राशन नहीं दिया जाएगा, जिससे उपभोक्ता असमंजस में हैं।
बुधवार को धर्मशाला में कई उपभोक्ता राशन लेने पहुंचे, लेकिन डिपो संचालकों ने यह कहकर राशन देने से इनकार कर दिया कि ई-केवाईसी तो हो गई है, लेकिन इसकी सूचना खाद्य आपूर्ति विभाग को नहीं दी गई। इस कारण जानकारी पीओएस मशीनों में अपडेट नहीं हुई और राशन कार्ड अनब्लॉक नहीं हो पाए।
प्रदेश में राशन कार्ड अनब्लॉक करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। कुछ उपभोक्ता विभाग के कार्यालयों में जाकर प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं, जबकि कई लोग पीडीएस एचपी फेस ऐप के जरिए ऑनलाइन ई-केवाईसी करवा रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन ई-केवाईसी के बाद भी कई राशन कार्ड अनब्लॉक नहीं हो रहे हैं, क्योंकि विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी जा रही।
उपभोक्ताओं को खुद विभाग को सूचना देनी होगी, जिसके बाद कर्मचारी राशन कार्ड अनब्लॉक करेंगे। विभाग ने ई-केवाईसी पूरी करने के बाद कार्ड स्वतः अनब्लॉक करने की कोई व्यवस्था नहीं की है। ई-केवाईसी करने के बाद भी उपभोक्ता यदि विभाग को सूचित नहीं करते हैं, तो उनके राशन कार्ड अनब्लॉक नहीं होंगे।
जनवरी में राशन न मिलने वाले उपभोक्ताओं को फरवरी में दो महीने का कोटा एक साथ मिलेगा। जिन उपभोक्ताओं के राशन कार्ड अभी भी ब्लॉक हैं, उन्हें ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही राशन मिलेगा।
ब्लॉक किए गए राशन कार्डों को अनब्लॉक करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ऑनलाइन ऐप से ई-केवाईसी करवा रहे उपभोक्ताओं को प्रक्रिया पूरी करने के बाद विभाग को जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही उपभोक्ताओं के राशन कार्ड अनब्लॉक होंगे और उन्हें राशन दिया जाएगा।
-पुरुषोतम सिंह, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, कांगड़ा-चंबा स्थित धर्मशाला