धर्मशाला। पर्यटन सीजन के दौरान वीकेंड हो या आम दिन...कोतवाली बाजार धर्मशाला में जाम लगना आम बात है। सुबह-शाम लगने वाले इस जाम से जहां स्थानीय लोग परेशान हैं, वहीं, रोजाना इस सड़क मार्ग पर सफर करने वाले लोग भी परेशान हैं। इस सड़क मार्ग पर जाम लगने का मुख्य कारण एक तो तंग सड़क मार्ग और ऊपर से सड़क मार्ग तक पहुंचा दुकानदारों का अतिक्रमण है। इसके अलावा रही-सही कसर सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी होने वाली गाड़ियां हैं।
कोतवाली बाजार धर्मशाला में लगने वाले जाम को लेकर संवाददाता टीम ने रविवार को छुट्टी के दिन गांधी वाटिका से लेकर फव्वारा चौक तक का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि सड़क के दोनों तरफ कई स्थानों पर दोपहिया और चौपहिया वाहन खड़े थे, जो कि जाम की समस्या को अंजाम देने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे थे। इसके अलावा कोतवाली बाजार में कई दुकानदारों ने अपने सामान को सड़क किनारे बनी नालियों पर लगाए गए लोहे के जंगलों तक पहुंचा दिया था, जिसके चलते राहगीरों के चलने का मार्ग ही बंद हो गया था। इस कारण राहगीरों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ रहा था। राहगीरों के सड़क पर चलने के कारण वहां से गुजर रहे वाहन चालकों को भी वाहन बचते-बचाते चलाना पड़ रहा था। इसके अलावा गांधी वाटिका से लेकर फव्वारा चौक तक ही कई ऐसे स्थान नजर आएं, जहां पर चौपहिया वाहन सड़क के किनारे ही खड़े थे। इन गाड़ियों में चालक तक नहीं थे, जिसके चलते दोनों तरफ से आने वाली गाड़ियों के लिए पहले से संकरा सड़क मार्ग, वाहनों के अवैध रूप से खड़े होने से और दिक्कत पैदा करता नजर आया। वहीं कोतवाली बाजार में जाम का सबसे बड़ा कारण संकरे सड़क मार्ग पर दोनों तरफ से वाहनों का आना-जाना लगा। अगर गांधी वाटिका से कोतवाली बाजार तक के सड़क मार्ग को एक तरफ कर दिया जाए तो यहां पर जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
कोतवाली बाजार में हर दिन सुबह-शाम काफी जाम की समस्या देखने को मिल रही है। अगर इस जाम की समस्या से छुटकारा पाना है तो इस सड़क मार्ग को वन-वे बनाना होगा। इसके लिए मैक्लोडगंज जाने वाली गाड़ियों को गांधी वाटिका से कोतबाली बाजार होते हुए भेजा जा सकता है, जबकि उनकी वापसी के लिए अलग रास्ता तय किया जा सकता है। इससे न तो कोतवाली बाजार के कारोबारियों को कोई दिक्कत होगी और न ही यहां जाम की समस्या उत्पन्न होगी। - नरेंद्र जम्वाल, अध्यक्ष, व्यापार मंडल कोतवाली बाजार।
पुलिस प्रशासन ने पहले भी कोतवाली बाजार को वन-वे बनाया था, जिसके चलते जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिली थी। लेकिन व्यापारियों के धरने पर बैठने के कारण इस व्यवस्था को हटाना पड़ा था। अगर स्थानीय लोगों का साथ मिले तो कोतवाली बाजार में लगने वाले जाम की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। वहीं, सड़क मार्ग पर खड़े होने वाले वाहन चालकों को भी सबक सिखाया जाएगा। - शालिनी अग्निहोत्री, एसपी कांगड़ा।