फतेहपुर (कांगड़ा)। विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि भाजपा को महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ है, इसी कारण मनरेगा के नाम और उसके मूल स्वरूप में बदलाव किया गया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने मनरेगा के माध्यम से गांव स्तर पर रोजगार की गारंटी दी थी, लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार ने इस योजना की आत्मा को कमजोर कर दिया है।
फतेहपुर में आयोजित बैठक में पठानिया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सीमित हो गए हैं, जिससे काम मिलना मुश्किल होता जा रहा है। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी गांधी के नाम से जुड़ी योजनाओं और संस्थानों का विरोध करती है, जबकि विदेशों में मजबूरी में गांधी प्रतिमाओं के सामने नतमस्तक होती है।
पूज्य बापू शब्द को लेकर सवाल उठाते हुए पठानिया ने कहा कि भाजपा चुनाव के समय भावनात्मक मुद्दों को उछालती है। कांग्रेस पर राम से चिढ़ होने के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि राम किसी एक पार्टी के नहीं हैं। चुनाव आते ही भाजपा को राम याद आ जाते हैं, लेकिन बेरोजगारी और रोजगार जैसे जमीनी मुद्दों पर वह चुप्पी साध लेती है।